आज ज्यादातर महिलाएं शरीर से जुड़ी कई तरह की समस्याओं से परेशान हैं, जिसका मुख्य कारण गलत खान पान का सेवन करना और जीवनशैली में गलत आदतों को अपनाना। ऐसे में, कई महिलाएं पीसीओएस जैसी समस्या से काफी ज्यादा परेशान रहती है, जो शरीर में होने वाले हार्मोनल असंतुलन की वजह से होती हैं। ऐसे में, इसका मुख्य कारण जीवनशैली में गलत आदतों को अपनाना और सही खानपान न होना आदि। यह समस्या महिलाओं में बेशक आम होती है, पर यह काफी ज्यादा परेशान कर देने वाली समस्या होती है, जिसमें महिलाओं को अपने खाने पीने की चीजों पर काफी ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत होती है। ऐसे में, महिलाओं को मीठे का सेवन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए, या फिर बहुत ही कम मात्रा में मीठे का सेवन करना चाहिए, ताकि समस्या कंट्रोल में रहे। डॉक्टर के अनुसार, पीसीओएस में मीठा का सेवन करने से आपको कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं, जिसमें वजन बढ़ना, हार्मोन्स का असंतुलित होना, पीरियड्स अनियमित होना, मुँहासे होना, शरीर पर अनचाहे बाल आना जैसी कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आइये इसके बारे में और जानते हैं।
पीसीओएस में मीठे का सेवन करने से किन-किन परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है?
आम तौर पर, पीसीओएस के दौरान मीठे का सेवन करने से आपको कई तरह कि परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान अगर आप काफी ज्यादा मीठे का सेवन करते हैं, तो इससे इस समस्या के लक्षण और भी ज्यादा बिगड़ सकते हैं, जिसकी वजह से महिलाओं को निम्नलिखित समस्यायों का सामना करना पड़ सकता है, जैसे
- वजन बढ़ने की परेशानी होना
आम तौर पर, पीसीओएस जैसी समस्या के दौरान अगर महिलाएं काफी मात्रा में मीठे का सेवन करती हैं, तो इसके कारण शरीर में इंसुलिन का स्तर काफी तेजी से बढ़ने लग जाता है। दरअसल, जब एक महिला का शरीर इंसुलिन का अच्छे तरीके से
इस्तेमाल नहीं कर पाता है, तो ऐसे में भोजन से मिलने वाला ग्लूकोज खून में घुलने लग जाता है, जिसके कारण सेल्स फैट को बर्न नहीं कर पाते हैं और इसी के चलते काफी ज्यादा फैट शरीर के अलग-अलग अंगों में जमा हो जाता है, जो आगे चलकर मोटापे का कारण बनता है।
- हार्मोन्स का असंतुलित हो जाना
दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि जरूरत से ज्यादा मीठे का सेवन करना शारीरिक सेहत के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं होता है। आम तौर पर, जब कभी भी आप हद से ज्यादा मीठे का सेवन करते हैं, तो इससे खून में शुगर तेजी से बढ़ने लग जाती है और इसको नियंत्रित करने के लिए हमारा शरीर इंसुलिन हार्मोन का उत्पादन हद से ज्यादा करने लगता है। ऐसे में, इंसुलिन के लगातार बढ़ने पर, शरीर में इंसुलिन प्रतिरोध होने लग जाता है। इस तरह की स्थिति में इंसुलिन ओवरी को पुरुष हार्मोन बनाने के लिए काफी ज्यादा उकसाता है, जिसकी वजह से कि शरीर में हार्मोन्स का संतुलन हद से ज्यादा बिगड़ जाता है। इसके कारण ओव्यूलेशन में काफी ज्यादा दिक्कत पैदा हो सकती है और साथ में पीसीओएस के लक्षण और भी ज्यादा गंभीर होने लग जाते हैं।
पीसीओएस में मीठे का सेवन करने के लिए किन चीजों का सेवन किया जा सकता है?
डॉक्टर के अनुसार, अगर आप बार -बार मीठे का सेवन करते हैं, तो इसके कारण टाइप 2 डायबिटीज का जोखिम भी काफी ज्यादा बढ़ सकता है। इस तरह की स्थिति में आपके लिए बेहतर यही होगा, कि ऐसे में आप केवल फल या फिर कम चीनी वाली मिठाइयों का ही सेवन करें, पर इन का भी सेवन सिमित मात्रा में किया जाना चाहिए। इसलिए, इस तरह की स्थिति में आप केवल अपनी डाइट में इन निम्नलिखित चीजों को ही शामिल कर सकते हैं, जैसे कि
- ताजे फलों में सेब, जामुन, नाशपाती, अमरूद और पपीता आदि शामिल है
- डार्क चॉकलेट के सेवन को शामिल करना।
- खजूर का सेवन करना।
- शकरकंद को अपनी डाइट में शामिल करना।
- अपनी रोजाना की डाइट में शहद का सेवन शामिल करें।
- रोजाना ड्राई फ्रूट्स का सेवन करें
निष्कर्ष: पीसीओएस एक बहुत ही आम समस्या है, जो एक महिला को किसी भी उम्र में प्रभावित कर सकती है। यह समस्या समय के साथ अपना गंभीर रूप धारण कर सकती है, इसलिए समय पर पहचान और सही इलाज होना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान अपने खाने पीने की आदतों में भी सुधार करने कि काफी ज्यादा जरूरत होती है। इसलिए, इस दौरान कुछ भी खाने से पहले सोचना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में मीठे का सेवन करते वक्त आपको थोड़ा सोचना चाहिए। वैसे तो, पीसीओएस के दौरान महिलाएं कभी-कभी मीठे का सेवन कर सकती हैं, पर अगर इसका सेवन सिमित मात्रा में किया जाए, तो काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। अगर महिलाएं पीसीओएस के दौरान काफी मात्रा में मीठे का सेवन करती हैं, तो इसकी वजह से उनके शरीर में हार्मोन असंतुलित होने की समस्या काफी ज्यादा बढ़ जाती है, जिसकी वजह से पीरियड्स असंतुलित होने, त्वचा पर मुंहासे होने, शरीर और चेहरे पर अनचाहे बाल उग आने और वजन बढ़ने जैसी कई तरह कि समस्यायों से लड़ना पड़ता है। ऐसे में, मीठे का सेवन कम मात्रा में ही करना ठीक रहता है। अगर आप फिर भी मीठे का सेवन करना चाहती हैं, तो इसके लिए आप फल और कम चीनी वाली मिठाई का सेवन कर सकते हैं, पर इसका भी सेवन सिमित मात्रा में करना ठीक रहेगा। ऐसे में, अपनी सेहत की देखभाल करना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है। ऐसे में, ध्यान रहे अगर आपको पीसीओएस की वजह से सेहत से जुड़ी कोई अधिक परेशानी महसूस होती है, तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और पीसीओएस से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या होने पर आप आज ही अमेरिटस हॉस्पिटल में जाकर इसके विशेषज्ञों से संपर्क कर सकते हैं।
प्रश्न 1. पीसीओएस में ज्यादा मीठा खाने से क्यों मना किया जाता है?
दरअसल, पीसीओएस ज्यादा मीठे का सेवन करने के लिए इस लिए मना किया जाता है, क्योंकि इससे इंसुलिन प्रतिरोध बढ़ता है, जिसकी वजह से महिला का तेजी से वजन बढ़ना, हार्मोनल असंतुलन होना और महिला की ओवरी पर काफी ज्यादा बुरा प्रभाव पड़ना जैसी कई समस्यायों का सामना करना पड़ता है। ज्यादा चीनी का सेवन शरीर में होने वाली सूजन का कारण बनता है, जो पीसीओएस के मुंहासे, अनियमित पीरियड्स और बांझपन जैसे लक्षणों को और भी ज्यादा बदतर कर सकती है।
प्रश्न 2. क्या पीसीओएस में केले का सेवन किया जा सकता है?
दरअसल, हाँ पीसीओएस जैसी समस्या के दौरान केले का सेवन किया जा सकता है, पर ऐसे में इसका सेवन सिमित मात्रा में करना ज्यादा फायदेमंद साबित होता है। केले में पोटेशियम, फाइबर और विटामिन बी6 काफी अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो पाचन में सुधार कर टाबॉलिज्म को बेहतर करने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करते हैं।
प्रश्न 3. क्या डॉक्टर की सलाह के बिना पीसीओएस में ओवर-द-काउंटर गर्भनिरोधक दवाओं का सेवन किया जा सकता है?
दरअसल, नहीं पीसीओएस जैसी गंभीर समस्या में बिना डॉक्टर की सलाह लिए गर्भनिरोधक दवाओं का सेवन करना बिल्कुल भी ठीक नहीं रहता है। इससे कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं, जिसमें मतली होना, उल्टी आना और अन्य गंभीर शारीरिक समस्याओं का होना शामिल है।
प्रश्न 4. क्या गर्भनिरोधक दवाएं अनियमित पीरियड्स के इलाज में मदद कर सकती हैं?
दरअसल, हाँ अनियमित पीरियड्स को नियंत्रित करने के लिए गर्भनिरोधक दवाओं का सेवन करना काफी ज्यादा प्रभावी माना जाता है। दरअसल, डॉक्टर भी पीसीओएस में अनियमित पीरियड्स को नियंत्रित करने के लिए गर्भनिरोधक दवाओं का सेवन करने की सलाह प्रदान कर सकते हैं। पर, ऐसे में बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेना नुकसानदायक साबित हो सकता है।
