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यदि नार्मल डिलीवरी की है चाहत तो इन बातों का रखें ध्यान !

गर्भावस्था एक ऐसी स्टेज होती है जिसमे महिलाएं अपने संतान की प्राप्ति के लिए काफी खुश होती है। इसके अलावा डिलीवरी को लेकर महिलाओं के द्वारा बहुत से सवाल पूछे जाते है, जिनमे से सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न नार्मल डिलीवरी को लेकर होता है, इसलिए आज के लेख में हम गर्भावस्था के दौरान संतान की प्राप्ति नार्मल डिलीवरी से कैसे कर सकते है इसके बारे में बात करेंगे ;

क्या है नार्मल डिलीवरी ?

  • पेनलेस नार्मल डिलीवरी एक वह प्रक्रिया है जिसमें शिशु का जन्म प्राकृतिक तरीके से महिला के वजाइना से होता है। इसमें किसी तरह की कोई चीरफाड़ की जरूरत नहीं पड़ती है। प्रेगनेंसी के दौरान किसी तरह की परेशानी न होने पर महिला को नार्मल डिलीवरी होती है। यह शिशु के जन्म का सबसे आम तरीका है।
  • नाॅर्मल डिलीवरी के दौरान आपकी ग्रीवा पतली होकर खुलती है। आपका गर्भाशय संकुचित होता है, ताकि शिशु प्रसव नलिका में नीचे खिसक सके और योनि के जरिये जन्म ले सके।
  • शिशु का जन्म नाॅर्मल डिलीवरी से ही कराया जाता है, मगर यदि आपकी गर्भावस्था या प्रसव के दौरान जटिलताएं हो तो सिजेरियन डिलीवरी करवाने की जरुरत पड़ सकती है।
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नार्मल डिलीवरी करवाने के लिए किन बातों का ध्यान रखें ?

  • डिलीवरी से पहले अच्छी देखभाल रखें और ऐसी डाॅक्टर का चयन करें, जिनके साथ आप सहज महसूस कर सके।
  • पौष्टिक (हरी सब्जियां, अंडा, जूस) आहार खाने पर खास ध्यान रखें और गैर सेहतमंद भोजनों से बचें साथ ही कैफीन के सेवन को कम करें।
  • गर्भावस्था में कोशिश करें कि आपका वजन स्वस्थ रहें।
  • सक्रिय एवं क्रियाशील रहें, उचित व्यायाम से अपनी ताकत बढ़ाएं। श्रोणि क्षेत्र की मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए व्यायाम करें।
  • सुनिश्चित करें कि आप पर्याप्त नींद लें और आराम करें। आप योग स्ट्रेचिंग और गहन श्वसन व्यायाम भी आजमा सकती है।
  • डिलीवरी के समय परिवार के साथ जरूर रहें। 
  • तनाव से दूर रहें। 
  • उठते और बैठते समय आपको खास ध्यान रखना चाहिए। 
  • किसी भी तरह की बात का चिंतन न करें।
  • शरीर के निचले हिस्से की मालिश करें। 
  • पेरेनियल मालिश करें और इसमें आप बादाम या नारियल का तेल ले सकती है मालिश करने के लिए। 
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नार्मल डिलीवरी के लिए और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए इसके बारे में जानने के लिए आपको बेस्ट गायनोलॉजिस्ट डॉक्टर का चयन करना चाहिए।

नार्मल डिलीवरी के लिए किन चीजों का सेवन न करें !

कच्चे अंडे, कच्चा पपीता, कच्ची अंकुरित चीजे, शराब, सिगरेट, कैफीन, मछली, कच्चा मांस, घर पर बनी आइसक्रीम, जंक फ़ूड, फ़ास्ट फ़ूड, ज्यादा तेल व मसालेदार आदि चीजों से आपको परहेज करना चाहिए।

नार्मल डिलीवरी होने के संकेत क्या नज़र आते है ! 

  • इसमें आपको पहला संकेत तो ये नज़र आएगा जैसे आपका बच्चा नीचे की तरफ़ आ रहा हो। 
  • बार-बार बाथरूम जाने की ज़रूरत भी आपको महसूस हो सकती है। 
  • जैसे ही आपका बच्चा नीचे की तरफ आएगा वैसे ही आपको लोअर बैक में पैन होना शुरू हो जाएगा। 
  • बच्चे के सिर की वजह से वेजाइनल पर प्रेशर पड़ने लगता है और इससे म्यूकस प्लग निकल जाता है, जिससे भारी मात्रा में वेजाइनल डिस्चार्ज होने लगता है, ऐसा होने का मतलब बिल्कुल साफ़ है की आपके डिलीवरी का समय आ चुका है, वहीं इस डिस्चार्ज की बात करें तो यह पिंक, सफ़ेद या फिर थोड़ा-सा खून से सना हो सकता है। 
  • वॉटर ब्रेक होना मतलब लेबर आने और नार्मल डिलीवरी होने का साइन है, वॉटर बैग का ब्रेक होना मतलब एम्नियोटिक झिल्ली का फट जाना, जिसका मतलब साफ़ है कि अब लेबर शुरू हो चुका है। और नार्मल डिलीवरी किसी भी समय हो सकती है।
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नार्मल डिलीवरी के लिए बेस्ट हॉस्पिटल या सेंटर !

यदि आप नार्मल डिलीवरी करवाना चाहते है, तो इसके लिए आप लुधियाना गैस्ट्रो एन्ड गयने सेंटर से जरूर संपर्क करें।

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