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पेट, या लीवर रोग में कैसे सहायक होंगे गैस्ट्रोएंटरोलॉजी डॉक्टर !

पेट, या लीवर रोग की समस्या का सामना करना कोई बड़ी बात नहीं है, इस प्रदूषण भरे वातावरण में और लोगों के द्वारा बरती गई लापरवाही की वजह से। वहीं पेट या लिवर संबंधी समस्या क्या है, और इसके लिए मरीज़ को किस तरह के हॉस्पिटल या सेंटर का चयन करना चाहिए और पेट संबंधी समस्या को ठीक करने में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी का क्या सहयोग है इसके बारे में हम निम्न में चर्चा करेंगे ;

कौन होते है गैस्ट्रोएंटरोलॉजी डॉक्टर ?

  • गैस्ट्रोएंटरोलॉजी चिकित्सा का एक क्षेत्र है जो पाचन तंत्र, या जठरांत्र संबंधी मार्ग और यकृत के स्वास्थ्य पर केंद्रित है। गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट चिड़चिड़ा आंत्र सिंड्रोम से लेकर हेपेटाइटिस-सी तक हर चीज का इलाज कर सकते है।
  • गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट भी एक डॉक्टर होते है। इनमें पेट, आंतों, कोलोन, अग्न्याशय, अन्नप्रणाली, पित्ताशय, पित्त नलिकाओं और लिवर के विकार शामिल होते है। यद्यपि गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल अंगों से संबंधित अधिकांश समस्याओं का इलाज करने के लिए उपयुक्त माने जाते है।
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यदि आपको पाचन तंत्र, या जठरांत्र संबंधी समस्याओं का इलाज करवाना है, तो इसके लिए आपको लुधियाना में गैस्ट्रो डॉक्टर का चयन करना चाहिए।

गैस्ट्रोएंटरोलॉजी डॉक्टर का काम क्या-क्या है ?

  • डॉक्टर चाहे किसी भी बीमारी से जुड़े हुए क्यों न हो उनका पहला काम अपने मरीजों से मिलना और उनका आकलन करना होता है।
  • कोलोन और पाचन तंत्र के भीतर देखने के लिए कॉलोनोस्कोपी और एंडोस्कोपी करना भी उनका एक काम है।
  • एक्स-रे, एमआरआई, सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड का उपयोग करके परीक्षण करना।
  • सर्जरी के लिए मरीजों को रेफर करना और सर्जरी के बाद उनका इलाज जारी रखना।
  • इरिटेबल आंत्र सिंड्रोम, कोलाइटिस, गैस्ट्रिटिस, बवासीर, क्रोहन रोग, लैक्टोज इनटोलरेंस, हार्टबर्न, गैस्ट्रोएसोफेजियल रिफ्लक्स डिसीज, अल्सर, सीलिएक डिसीज, पित्ताशय की बीमारी और कुछ कैंसर जैसी स्थितियों के लिए रोगियों का इलाज इनके द्वारा किया जाता है।
  • चिकित्सा कर्मचारियों के साथ बैठक करना और व्यावसायिक निर्णयों में योगदान देना आदि सब इनके कार्यो में शामिल है।
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अगर पेट से जुडी आंतरिक समस्याओं से आप भी ग्रस्त है, तो इसके लिए आपको लुधियाना में कोलोनोस्कोपी से अपनी जाँच को करवाना चाहिए।

पेट या लिवर संबंधी रोग कौन-से है ?

  • पेट में संबंधित रोग की बात करें तो इसमें सिरदर्द, बुखार, एसिडिटी, बदहजमी, चक्कर आना व उल्टी-दस्त आदि से लेकर पीलिया हेपेटाइटस, फैटी लीवर आदि शामिल है। 
  • लिवर संबंधित रोगों की बात करें तो इसमें हेपेटाइटिस-ए, हेपेटाइटिस-बी, हेपेटाइटिस-सी शामिल है। 
  • इसके अलावा लंबे समय तक शराबबंदी के कारण लिवर का ख़राब होना, जिगर में वसा का निर्माण, पहले चरण के स्क्लेरोजिंग चोलैंगाइटिस, लिवर ट्यूमर, पित्त की नली का कैंसर आदि लिवर रोग है।

पेट और लिवर रोग के इलाज के लिए बेस्ट सेंटर !

  • अगर आप पेट या लिवर संबंधित समस्याओं का सामना कर रहें है, तो इससे बचाव के लिए आपको लुधियाना गैट्रो एवं गयने सेंटर के अनुभवी डॉक्टर, “डॉ कार्तिक गोयल” से जरूर मुलाकात करनी चाहिए। और लिवर के गंभीर रोग से निजात पाने के लिए अपने डॉक्टर को अपनी जाँच की रिपोर्ट जरूर दिखाए ताकि वो आपके बीमारी को जानकर आपका इलाज अच्छे से कर सकें।
  • वहीं खास बात इस सेंटर की ये है, की यहाँ पर मरीज का इलाज आधुनिक उपकरणों की मदद से किया जाता है, और इन उपकरणों से इलाज अनुभवी डॉक्टर ही करते है।
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सुझाव :

  • यदि आप पेट या लिवर संबंधी समस्या का सामना कर रहें है तो इसके लिए आपको उपरोक्त सेंटर का चयन करना चाहिए और साथ ही आपको अपने खान-पान का भी खास ध्यान रखना चाहिए, जैसे पेट से जुड़े विकार में आपको तली, भुनी, ज्यादा चटपटी चीजे और खास कर बाहर की चीजों को खाने से परहेज करना चाहिए। 
  • वहीं लिवर के विकार में आपको शराब या अन्य ऐसी नशीली चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए जिससे आपका लिवर ख़राब हो।

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