असल में, आज के समय में गलत खान-पान और गलत तेल का चुनाव करने की वजह से बहुत से लोगों को पाचन शक्ति कमजोर होने जैसी कई तरह की समस्यायों का सामना करना करना पड़ता है। आम तौर पर, अगर पाचन से जुड़ी समस्याओं का इलाज न किया जाये, तो यह आगे चलकर काफी ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है। आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि इस तरह की स्थिति में, डाइजेशन खराब होने पर आम तेल की जगह ऑलिव ऑयल का चुनाव करना ज्यादा बेहतर होता है। क्योंकि, ऑलिव ऑयल विशेष तौर पर एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल, गट हेल्थ को अच्छा करने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करते हैं।
इसके अलावा, इसके इस्तेमाल से कई फायदे मिल सकते हैं, जिसमें आंतों के गुड बैक्टीरिया का बढ़ना, सूजन कम होना, पाचन का संतुलित होना, गट माइक्रोबायोटा को मज़बूत बनना, लीकी गट और आईबीएस से बचाव होना, कब्ज और ब्लोटिंग से राहत प्रदान करना जैसे कई तरह के फायदे शामिल हो सकते हैं। असल में, ऑलिव ऑयल में मौजूद हेल्दी फैट, पॉलीफेनोल और एंटीऑक्सीडेंट आंतों को मजबूत बनाने का काम करते हैं। आम तौर पर, अगर आपको भी इस तरह की स्थिति में, पाचन से जुडी कई तरह की सामसायों का सामना करना पड़ रहा है, तो इस दौरान आप अपने कुकिंग ऑयल में ऑलिव ऑयल को शामिल कर सकते हैं, या फिर आप आम तेल की जगह ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल कर सकते हैं। दरअसल, कुकिंग ऑयल को बदलने का आपका यह फैसला आपकी सेहत के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। आइये इस लेख के माध्यम से इस के बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं।
- गट माइक्रोबायोटा को मजबूत बनाता है
दरअसल, एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल में पाए जाने वाले हाइड्रॉक्सी टायरोसोल और ओलियूरोपीन जैसे पॉलीफेनॉल शरीर में एक प्रीबायोटिक की तरह काम करते हैं। डॉक्टर से अनुसार, ऑलिव ऑयल लैक्टोबैसिलस और बिफिदोबैक्टीरियम जैसे अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाता है, जो पाचन, इम्यूनिटी और मूड को बेहतर बनाने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करता है।
- लीकी गट और आईबीएस से बचाव करता है
आम तौर पर, हाल ही में हुई एक रिसर्च के अनुसार, ऑलिव ऑयल आंतों में ब्यूटायरेट जैसे शॉर्ट-चेन फैटी एसिड को बढ़ाने में काफी ज्यादा सहयता प्रदान करता है। जिसकी सहायता से आंतों की परत में मजबूती आती है और इससे लीकी गट, आईबीएस और आईबीडी जैसी समस्याओं का जोखिम काफी ज्यादा कम हो जाता है।
- सूजन कम होती है
असल में, ऑलिव ऑयल में पाए जाने वाले ओलियो कैथल को प्राकृतिक सूजनरोधी गुण कहा जाता है, जो आम तौर पर, पेट की अंदरूनी सूजन को कम करने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करते हैं। इस की सहायता से अल्सर, डायवर्टीकुलिटिस और कोलन कैंसर जैसी समस्याओं का जोखिम काफी ज्यादा कम हो जाता है।
- कब्ज और ब्लोटिंग से राहत मिलती है
असल में, इस पर डॉक्टर का कहना है, कि ऑलिव ऑयल पित्त रस और पाचन एंजाइम के स्राव को बढ़ाने में काफी ज्यादा सहायता प्रदान करता है, जिस की वजह से खाना आसानी से पच जाता है। आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि आम तेल की जगह ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल करने से कब्ज, गैस और पेट फूलने की समस्या से छुटकारा मिलता है।
निष्कर्ष: ऑलिव ऑयल, विशेष तौर पर एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल हमारे पेट की सेहत को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाता है। दरअसल, ऑलिव ऑयल के फायदों में पेट की सूजन कम होना, शरीर में गुड बैक्टीरिया का बढ़ना, कब्ज-ब्लोटिंग से राहत मिलना, लीकी गट और आईबीएस से बचाव होना और साथ में गट माइक्रोबायोटा का मजबूत होना शामिल हो सकता है। इसलिए, डाइजेशन खराब होने पर आप, आम तेल की जगह ऑलिव ऑयल इस्तेमाल कर सकते हैं। यह सेहत के लिए काफी ज्यादा लाभदायक साबित हो सकता है। दरअसल, गॉलब्लैडर की समस्या से पीड़ित व्यक्तिओं को ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल करने से पहले एक बार डॉक्टर से जरूर संपर्क करना चाहिए। ऑलिव ऑयल सिर्फ़ डाइट में होने वाला एक बदलाव नहीं है, बल्कि यह पेट की सेहत को मज़बूत करने का एक लंबे समय तक चलने वाला सबसे बढ़िया तरीका माना जाता है। इसलिए, खराब डाइजेशन के लिए आम तेल की जगह ऑलिव ऑयल का चुनाव काफी ज्यादा बेहतर होता है। अगर आपको भी इस के बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करनी है, या फिर अगर आपको भी पाचन से जुडी किसी गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जिस का आप तुरंत समाधान चाहते हैं, तो आप आज ही अमेरिटस हॉस्पिटल में जाकर अपनी अपॉइंटमेंट को बुक करवा सकते हैं और इसके विशेषज्ञों से इसके इलाज के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
