दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि आज भी लगभग 400 के आस- पास एयर क्वालिटी इंडेक्स देखा गया है। जो एक व्यक्ति की सेहत के लिए काफी ज्यादा नुकसानदायक साबित हो सकता है। आम तौर पर, इस तरह की स्थिति के दौरान किसी भी व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत और फेफड़ों की दिक्कत जैसी कई दूसरी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि यह दूसरे सेहतमंद लोगों के मुकाबले गर्भवती महिलाओं को काफी ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है। कई महिलाएं प्रदूषण भरी इस स्थिति को आम समझ लेती हैं और घर से बाहर निकल जाती है, जो कि उनकी और उनके बच्चे की सेहत के लिए काफी ज्यादा हानिकारक साबित हो सकता है।
असल में, डॉक्टर का कहना है कि अगर महिलाओं को पॉल्यूशन जैसी हालत से बचाया नहीं गया और साथ में इसे नॉर्मल ही माना गया, तो इसकी वजह से गर्भावस्था के तीसरे महीने के दौरान गर्भ में पल रहे बच्चे को ऑटिज़्म जैसी गंभीर बीमारी हो सकती है, और इस दौरान महिला को खुद अस्थमा और बीपी जैसी हेसेहत समस्या का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल, इतना ही नहीं वातावरण में बढ़ते प्रदूषण की वजह से एक गर्भवती महिला को मिसकैरेज और प्री-मेच्योर बेबी होने जैसी स्थितियों का खतरा भी काफी ज्यादा बढ़ सकता है।
आम तौर पर, इस तरह की स्थितियों से आप अंदाजा लगा सकते हैं, कि एक आम इंसान को बढ़ते पॉल्यूशन से इतना ज्यादा खतरा नहीं होता है, जितना कि गर्भवती महिलाओं को होता है। दरअसल, इस तरह की स्थिति से बचने के लिए गर्भवती महिलाएं कुछ टिप्स को अपना सकती हैं, जिसमें एयर क्वालिटी इंडेक्स पर नज़र रखना, घर से बाहर निकलने से बचना, स्मोकिंग से दूर रहना और साथ में प्रदूषण के प्रति सजग रहना जैसे कुछ टिप्स शामिल हो सकते हैं। यह टिप्स माँ और बच्चे दोनों की हेल्थ के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकते हैं। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
गर्भवती महिलाएं किस तरह बढ़ते प्रदूषण में अपना बचाव कर सकती हैं?
वैसे तो, गर्भवती महिलााओं को बढ़ते प्रदूषण में अपना बचाव करने के लिए बहुत से उपायों का इस्तेमाल करना चाहिए, जिससे माँ और बच्चे दोनों की सेहत बनी रहे। ऐसी स्थिति में प्रेग्नेंट महिलाएं बढ़ते प्रदूषण से खुद को बचाने के लिए नीचे दिए गए कुछ टिप्स अपना सकती हैं, जैसे:
- एयर क्वालिटी इंडेक्स पर नजर रखना
हालांकि, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि गर्भवती महिलाओं को दिन- ब- दिन बदलते एयर क्वालिटी इंडेक्स का ध्यान रखना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है, दरअसल यह महत्वपूर्ण होने के साथ- साथ काफी ज्यादा फायदेमंद भी साबित हो सकता है। क्योंकि, इस की मदद से समय- समय पर गर्भवती महिलाओं को पता चलता रहता है, कि उन को घर से कब बाहर निकलना है और कब नहीं निकलना है। दरअसल, एयर क्वालिटी इंडेक्स के बारे में जानने के लिए आप किसी ऑथेंटिक वेबसाइट पर विजिट कर सकती हैं। हालांकि, इसके बारे में जानने का बाद आप यह भी जान सकती हैं, कि आपको घर के मुख्य दरवाजों को कब खोलना है और कब बंद रखना है।
- स्मोकिंग से दूर रहना
वैसे तो, ज्यादातर गर्भवती महिलाएं स्मोकिंग का सेवन बिल्कुल भी नहीं करती है, क्योंकि स्मोकिंग करने से न केवल एक माँ की सेहत प्रभावित होती है, बल्कि इससे होने बाले बच्चे की सेहत पर भी काफी ज्यादा बुरा प्रभाव पड़ता है, जिससे बच्चे को शुरुआत में ही फेफड़ों से जुडी समस्या या फिर कोई अन्य समस्या हो सकती है। पर, अपने कभी न कभी यह देखा होगा है, कि बहुत सी गर्भवती महिलाओं के घर में, एक ऐसा व्यक्ति जरूर होता ही है, जो रोजाना स्मोकिंग करता है। दरअसल, इस तरह की स्थिति उत्पन्न होने पर गर्भवती महिलाओं को चाहिए, कि वो स्मोकिंग में उड़ने वाले धुएं से दूर रहें। क्योंकि, स्मोकिंग का धुआं न केवल एक माँ की सेहत को प्रभावित करता है, बल्कि होने वाले बच्चे की सेहत पर भी बुरा प्रभाव डाल सकता है।
निष्कर्ष: बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों को सांस से जुडी कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिसमें उन को सांस लेने में दिक्क्त और फेफड़ों में कई तरह कि दिक्कतें हो सकती हैं। यह दूसरे सेहतमंद लोगों के मुकाबले गर्भवती महिलाओं को काफी ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए, इस तरह की स्थिति में गर्भवती महिलाओं को अपना ध्यान रखने के लिए एयर क्वालिटी इंडेक्स पर नज़र रखना, घर से बाहर निकलने से बचना, स्मोकिंग से दूर रहना और साथ में प्रदूषण के प्रति सजग रहना जैसे कुछ टिप्स को अपना सकती है। इससे न केवल माँ कि सेहत बनी रहती है, बल्कि बच्चे की सेहत भी ठीक रहती है। गर्भावस्था के दौरान किसी भी तरह की गंभीर समस्या होने पर आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और गर्भावस्था से जुड़ी किसी भी समस्या का समाधान पाने के लिए आप आज ही अमेरिटस हॉस्पिटल में जाकर इस के विशेषज्ञों से इसके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
