Categories
Gastroenterologist

मेथी के बीज: बवासीर के लिए एक प्राकृतिक उपचार

सही कहाँ जाता है के कई बार घर के नुस्खे भी साथ दे जाते है। जैसे कच्ची हल्दी का दूध दर्द दूर कर देता है, अदरक मतली को ठीक कर देता है वैसे ही कहाँ जाता है कि मेथी के बीज बवासीर की दिक्कत को ठीक कर सकते है। घरेलू उपचार न ही शरीर को कोई नुक्सान करते है और समय लेकर बीमारी को ठीक भी कर देते है इसलिए इन्हे अपनाये जाते है ताकि अगर इनसे ही ठीक हो रहे है तो डॉक्टर के पास जाने की जरूरत नहीं पड़ती। कैसे मेथी दाना बवासीर का है उपचार ?

 

क्या और क्यों होती है बवासीर ?

बवासीर, जिसे पाइल्स के नाम से भी जाना जाता है, मलाशय और गुदा में सूजन वाली नसें है जो असुविधा, दर्द, खुजली और कभी- कभी रक्तस्राव का कारण बन सकती है। आंतरिक(मलाशय के अंदर) या बाहरी(गुदा के आसपास की त्वचा के नीचे) हो सकते है। 

बवासीर के कई संभावित कारण है, जिनमें शामिल है: 

  • पुरानी कब्ज: कठोर मल त्यागने से मलाशय की नसों में जलन हो सकती है और बवासीर का निर्माण हो सकता है। 
  • कम फाइबर वाला आहार: कम फाइबर वाले आहार से कब्ज हो सकता है, जिसके परिणामस्वरूप बवासीर का खतरा बढ़ सकता है। 
  • मोटापा: अधिक वजन होने से मलाशय की नसों पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे बवासीर हो सकती है। 
  • मल त्याग के दौरान तनाव: यह कब्ज या दस्त के कारण हो सकता है, दोनों ही मलाशय की नसों पर दबाव बढ़ा सकते हैं।
  • गर्भावस्था: गर्भावस्था के दौरान पेल्विक नसों पर बढ़ा हुआ दबाव बवासीर के विकास में योगदान कर सकता है।
  • लंबे समय तक बैठना: लंबे समय तक बैठना, विशेष रूप से शौचालय पर, मलाशय की नसों पर दबाव बढ़ सकता है और बवासीर के गठन में योगदान कर सकता है।
See also  Which Foods Are Recognized For Providing Maximum Benefits To Liver Health?

 

मेथी दाने के फायदे 

  • पाचन स्वास्थ्य: मेथी के बीज में घुलनशील फाइबर होते हैं, जो आंत्र नियमितता को बढ़ावा देकर और कब्ज को रोककर पाचन में सहायता कर सकते है। मेथी के बीज में मौजूद फाइबर अपच और सीने में जलन के लक्षणों से राहत दिलाने में भी मदद कर सकता है। 
  • भूख नियंत्रण: मेथी के बीज में भूख को दबाने वाले प्रभाव हो सकते हैं, जो वजन प्रबंधन और मोटापे की रोकथाम में सहायता कर सकते हैं। कुछ शोध से पता चलता है कि मेथी के बीज का अर्क तृप्ति की भावना को बढ़ावा देकर भोजन का सेवन कम करने में मदद कर सकता है। 
  • रक्त शर्करा विनियमन: स्थिर रक्त शर्करा के स्तर को बनाए रखना मधुमेह वाले व्यक्तियों के लिए फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि खराब नियंत्रित रक्त शर्करा का स्तर तंत्रिका क्षति और खराब घाव भरने जैसी जटिलताओं में योगदान कर सकता है, जो बवासीर को बढ़ा सकता है। 
See also  Exploring the Surgical Dilemma and Potential Solutions

मेथी बीज के इस्तेमाल 

  • मेथी के बीज को अपने भोजन या नाश्ते में शामिल कर सकते है: 
  1. सलाद, सूप या दही पर साबुत मेथी के बीज छिड़कें।
  2. मेथी के दानों को पीसकर पाउडर बना लें और इसे स्मूदी, ओटमील या बेक किए गए सामान में मिला दें।
  3. चाय बनाने के लिए मेथी के दानों को गर्म पानी में भिगो दें।
  • मेथी की चाय पीएं: मेथी के दानों को गर्म पानी में कई मिनट तक भिगोकर मेथी की चाय बनाई जा सकती है। पीने से पहले चाय को थोड़ा ठंडा होने दें। मेथी की चाय पीने से पाचन को बढ़ावा देने और कब्ज को कम करने में मदद मिल सकती है, जो ऐसे कारक है जो बवासीर में योगदान कर सकते है।   
See also  Which are the most common liver problems? Why do people face them?

यदि आप बवासीर के लगातार या गंभीर लक्षणों का अनुभव कर रहे हैं, तो उचित निदान और उपचार की सिफारिशों के लिए स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर से परामर्श करना आवश्यक है। वे आपकी व्यक्तिगत आवश्यकताओं और चिकित्सा इतिहास के आधार पर वैयक्तिकृत सलाह प्रदान कर सकते हैं।

Contact Us