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क्यों आते है अनियमित तरीके से पीरियड्स?किस लड़किओं को करना पड़ता है इसका सामना?

इस संसार में महिलाओं को अनियमित तरीके से पीरियड्स आना बहुत ही देखने को मिलता है। ऐसा होना महिलाओं के सेहत के लिए बिल्कुल ठीक नहीं है। अनेक स्त्रियों से सुने में आया है कि उनको महीने में पीरियड्स जो २८ दिनों बाद आने चाहिए वो १५ से २० दिन बाद आते है। ऐसा क्यों होता है? जानिए

 

अनियमित पीरियड्स के होने का मतलब कि किसी महिला का मासिक धर्म का समय २८ दिन के बाद पीरियड्स आने की बजाए २१ दिन या ३५ दिन के बाद आना   जो महिला पर निर्भर करता है। इन अनियमित पीरियड्स की पहली झलक तब दिखती है जब एक लड़की को तरुणाई में पहली बार पीरियड्स आते है और जब रजोनिवृत्ति का समह होता है। सामान्य रूप से अगर आपको पीरियड्स २४ से ३८ दिन के बिच आते है तो अनियमित पीरियड्स का कोई डर नहीं है।जब कभी ७ दिन बाद भी  पीरियड्स चलते रहे तो वह भी अनियमित पीरियड्स में ही गिने जाते है।  

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 अनियमित पीरियड्स का सबसे बड़ा कारण हार्मोनल असंतुल होता है जब थाइरोइड हॉर्मोन की स्तरों में उतार चराव होने लगता है और पीरियड्स में दिकते आने लगती है।

दूसरी ओर जैसे कोई दवा, जोरदार कसरत, ज्यादा कम या उच्च वज़न,पर्याप्त कैलोरी न खाना भी इसका कारण बन सकता है। लड़की के शरीर में दो प्रकार के होर्मोनेस होते है- एस्ट्रोजन जो उनके सेक्सुअल डेवलपमेंट में मदद करता है। प्रोजेस्टेरोन के साथ, यह मेंस्ट्रुअल साइकिल को भी नियंत्रित करता है इन होर्मोनेस में कोई भी बदलाव आना, शरीर के प्राकृतिक बदलाव पर निर्भर करता है। इसके अलावा पेल्विक सूजन की बीमारी,एंडोमेट्रियोसिस, थैलेसीमिया रोग, बिनाइन ग्रोथ या कैंसर भी कारण हो सकते  है।    

 

जरूरी सावधानियां– अगर किसी महिला को पीरियड्स के दौरान अत्यधिक खून निकल रहा है तो उसमें एनीमिया (वह स्थिति है जिसमें लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या कम हो जाती है) की कमी हो रही है। जिससे शरीर में ताकत नहीं रहेगी और अतिरिक्त आयरन की दवा लेनी पड़ेगी। कई बार शरीर को खून भी चढ़ाना पढ़ जाता है अगर किसी महिला की स्थिति नाज़ुक हो जाए। हर महिला को अपनी डाइट में आयरन की मात्रा से भरपूर बनी चीजें जोड़नी चाहिए जैसे हरी सब्ज़ी, भूरे रंग के चावल, दाले, फलियाँ, अंडे, ड्राई फ्रूटज़, मीट, मछी, सोया पनीर आदि। ब्लड की कमी होने से थकान, पीली त्वचा होनी, सांस में तकलीफ,चक्कर आने फिर आम ही हो जाते है। 

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कुदरती तरीकों से कैसे करे इसको ठीक- असरदार घरेलू उपचार जिससे अनियमित पीरियड्स दूर हो जाएंगे:-

    • अदरक की चाय जो अनेक बीमारी को दूर करती है। सूखा अदरक खाने से भी अनियमित पीरियड्स विनियमित हो जाते है। इसे पीने से गर्भाशय की दीवार मांसपेशियों में दरार और हार्मोन बैलेंस की सुविधा मिलती है। 
    • कच्चा पपीता इस दिक्कत के लिए  खाना अच्छा है। कुछ महीनों के लिए इसका जूस पीए और असर जाने। लेकिन इसको पीरियड्स के दर्जन मत पीना।   
    • नियमित गुड़ खाना भी पीरियड्स विनियमित होते है। 
    • हल्दी तो एक ऐसी जादु की चीज़ है जिसको कोई भी प्रकार से खाए जा सकता है। लेकिन सूखी हल्दी दूध में डालकर ज़्यादा असर करती है। 
  • एलोवेरा भी मेंसेस के समय खाने के लिए अच्छी होती है। 
  • सेब का साइडर सिरका पीने से आपके पीरियड्स रेगुलर हो जाए गे। 
  •  दालचीनी से आपके खून का फ्लो गर्भाशय तक आसानी करता है। 
  •  चुकंदर से हीमोग्लोबिन बढ़ता है। 
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नियमित योग या कसरत करने से अनियमित पीरियड्स पर असर पड़ता है।     

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